छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 की थीम तय, ‘सुंदर-सुघ्घर और नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़’ का संदेश

रायपुर 15 अक्टूबर 2026 :  छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाला राज्योत्सव 2026 इस बार ‘सुंदर, सुघ्घर और नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़’ की थीम पर केंद्रित रहेगा। राज्योत्सव के जरिए प्रदेश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत, सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा, समय-सारिणी और अन्य अतिथियों की जानकारी आधिकारिक घोषणा के अनुसार स्पष्ट होगी।

1 से 3 नवंबर तक होगा राज्योत्सव का आयोजन

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव प्रदेश के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाता है। वर्ष 2026 में भी इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य की उपलब्धियों और विकास कार्यों को सामने लाने की तैयारी है। आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ की लोककला, लोकनृत्य, पारंपरिक संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को प्रमुखता दिए जाने की संभावना है।

राज्योत्सव प्रदेशवासियों के लिए अपनी सांस्कृतिक पहचान और राज्य की विकास यात्रा से जुड़ने का अवसर होता है। आयोजन में सरकारी विभागों की प्रदर्शनी और विकास योजनाओं से संबंधित जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जा सकती है।

‘सुंदर, सुघ्घर और नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़’ होगी थीम

इस बार राज्योत्सव की प्रस्तावित थीम ‘सुंदर, सुघ्घर और नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़’ रखी गई है। इस थीम के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक सुंदरता, व्यवस्थित विकास और नक्सलवाद से मुक्ति के लक्ष्य को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विकास को लेकर प्रयास कर रहा है। ऐसे में नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ की अवधारणा राज्योत्सव के प्रमुख संदेशों में शामिल रहेगी। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को भी प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

अमित शाह के शामिल होने से बढ़ेगा आयोजन का महत्व

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के राज्योत्सव में शामिल होने से कार्यक्रम का राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व बढ़ने की उम्मीद है। नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों के संदर्भ में भी उनके दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान उनके संबोधन और संभावित घोषणाओं को लेकर लोगों की नजरें रहेंगी। हालांकि, किसी नई घोषणा या कार्यक्रम की पुष्टि आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही की जा सकेगी।