मध्य प्रदेश में नवंबर की ठंड ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड, इंदौर-पचमढ़ी से भी ज्यादा ठंडे शहर बने

मध्य प्रदेश में इस बार कड़ाके की ठंड ने नवंबर के शुरुआती दिनों में ही दस्तक दे दी है। बीती दो रातों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक लुढ़क गया, जिससे लोगों को ठिठुरन महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, आमतौर पर प्रदेश में ठंड की शुरुआत नवंबर के दूसरे पखवाड़े में होती है, लेकिन इस बार सर्दी एक हफ्ते पहले ही सक्रिय हो गई है।

इंदौर में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड
इंदौर में न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री दर्ज किया गया, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे कम है। साल 2015 से 2024 के बीच कभी भी नवंबर में तापमान इतना नीचे नहीं गया था। वहीं भोपाल में तापमान 2 डिग्री गिरकर 11 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 10 साल में केवल 5 बार ऐसा हुआ है जब राजधानी में पारा इतना नीचे पहुंचा हो।

राजगढ़ सबसे ठंडा जिला, पारा 9 डिग्री पर
गुरुवार और शुक्रवार की रात सबसे ठंडी रही। राजगढ़ जिले में एक ही रात में तापमान 2 डिग्री गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं, ग्वालियर में 11.3 डिग्री, जबलपुर में 14.6 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री दर्ज किया गया।

झाबुआ में स्कूलों का समय बदला
झाबुआ में बीते तीन दिनों में तापमान में 8.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। ठंड बढ़ने के कारण कलेक्टर नेहा मीना ने स्कूलों की समय-सारणी में बदलाव किया है। अब नर्सरी से कक्षा 3 तक की कक्षाएं सुबह 9 बजे से पहले और कक्षा 4 से 12 तक की कक्षाएं सुबह 8 बजे से पहले नहीं लगेंगी। यह आदेश जिले की सभी शैक्षणिक संस्थाओं पर लागू रहेगा।

कोहरा भी बढ़ेगा, विजिबिलिटी घटी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ठंड के साथ कोहरा भी बढ़ेगा। फिलहाल देर रात और सुबह के समय हल्का कोहरा देखा जा रहा है। मंडला में विजिबिलिटी 1-2 किलोमीटर तक घटी है, जबकि जबलपुर, रीवा और सतना में यह 2 से 4 किलोमीटर रही।

अक्टूबर में भी रिकॉर्ड ठंड और बारिश
इस साल अक्टूबर का महीना भी उम्मीद से ज्यादा ठंडा रहा। भोपाल में 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री रहा, जो पिछले 25 साल में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन था। वहीं, पूरे प्रदेश में अक्टूबर में सामान्य से 121% ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का अनुमान
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार प्रदेश में सर्दी लंबे समय तक टिकेगी और दिसंबर से जनवरी तक ठिठुरन और बढ़ेगी। कई इलाकों में कोहरे और शीतलहर की स्थिति भी देखने को मिल सकती है।