रायपुर 14 सितम्बर 2026 : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) से जुड़े कथित घोटाले और भर्ती अनियमितता मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच तेज होती नजर आ रही है। मामले से जुड़े 12 लोगों को ED ने पूछताछ के लिए बुलाया है। बताया जा रहा है कि इन सभी को अलग-अलग तारीखों में एजेंसी के समक्ष उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
12 लोगों को भेजा गया समन
जानकारी के मुताबिक, ED ने CGPSC मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर 12 लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया है। एजेंसी इन लोगों से भर्ती प्रक्रिया, कथित लेनदेन और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर जानकारी हासिल कर सकती है।
ED की पूछताछ में अधिकारियों, अभ्यर्थियों या मामले से जुड़े अन्य लोगों से संबंधित दस्तावेजों और बयानों की जांच की जा सकती है। हालांकि तलब किए गए सभी लोगों की भूमिका एक जैसी है, यह जरूरी नहीं है। किसी व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाया जाना अपने आप में उसके दोषी होने का प्रमाण नहीं है।
भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी की जांच
CGPSC मामले में भर्ती परीक्षाओं और चयन प्रक्रिया को लेकर पहले से ही गंभीर आरोप सामने आते रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित अनियमितताओं में किन लोगों की भूमिका थी और क्या किसी तरह का आर्थिक लेनदेन हुआ था।
ED की जांच का एक अहम पहलू कथित तौर पर मनी ट्रेल यानी पैसों के लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों को खंगालना भी हो सकता है। इसके लिए एजेंसी बैंक खातों, वित्तीय दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर सकती है।
पूछताछ में सामने आ सकते हैं अहम तथ्य
समन के बाद संबंधित लोगों से पूछताछ के दौरान भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल किए जा सकते हैं। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर सकती है कि परीक्षा और चयन प्रक्रिया में किसी तरह का प्रभाव, सिफारिश या आर्थिक लेनदेन हुआ था या नहीं।
जांच के दौरान पहले से उपलब्ध दस्तावेजों और बयानों का मिलान भी किया जा सकता है। यदि पूछताछ में कोई नया तथ्य सामने आता है तो ED आगे की कार्रवाई कर सकती है।
