मंत्री को घर से उठा ले गए AK-47 वाले नकाबपोश! फजल शकूर खान के कथित अपहरण से पाकिस्तान में हड़कंप

इस्लामाबाद 22 सितम्बर 2026 :  पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में प्रांतीय मंत्री फजल शकूर खान के कथित अपहरण को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने आरोप लगाया है कि नकाबपोश हथियारबंद लोगों ने दिनदहाड़े मंत्री की गाड़ी को रोककर उन्हें अपने साथ ले गए। PTI नेताओं ने घटना की जांच और जवाबदेही की मांग की है।

Minister Fazal Shakoor Khan kidnapped in Pakistan

हाईवे पर गाड़ी रोककर मंत्री को ले जाने का आरोप

रिपोर्टों के मुताबिक, फजल शकूर खान सोमवार को पेशावर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पेशावर मोटरवे के पास नकाबपोश हथियारबंद लोगों ने उनकी गाड़ी को कथित तौर पर रोक लिया। मंत्री के स्टाफ और PTI नेताओं का दावा है कि हमलावरों ने वाहन को घेर लिया और फजल शकूर खान को अपने साथ किसी अज्ञात स्थान पर ले गए।

घटना से जुड़े कथित वीडियो में हथियारबंद लोगों को सड़क पर मौजूद देखा जा सकता है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और घटना के पीछे मौजूद लोगों की पहचान की अभी पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्टों में यह भी स्पष्ट नहीं है कि मंत्री को किस समूह ने और किस मकसद से कथित तौर पर अगवा किया।

PTI ने उठाए सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल

PTI नेताओं ने घटना को गंभीर बताते हुए खैबर पख्तूनख्वा में पार्टी के प्रांतीय नेतृत्व को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी है।

PTI के खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी ने भी फजल शकूर खान के कथित अपहरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने इसे पार्टी के नेताओं पर बढ़ते दबाव से जोड़ते हुए 27 सितंबर के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को जारी रखने की बात कही।

शकील खान को भी अगवा करने की कोशिश का दावा

इससे एक दिन पहले PTI ने प्रांतीय मंत्री शकील खान को भी कथित तौर पर अगवा करने की कोशिश का आरोप लगाया था। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, बटखेला में एक संदिग्ध वाहन पर मंत्री के सुरक्षा गार्डों द्वारा गोली चलाए जाने की बात सामने आई थी। इस घटना में एक व्यक्ति के घायल होने की भी जानकारी दी गई।

फजल शकूर खान की घटना और शकील खान से जुड़े मामले ने खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा व्यवस्था तथा राजनीतिक तनाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, घटना के पीछे कौन लोग हैं और उनका मकसद क्या था, इस पर अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।