वनकर्मियों को घेरकर हमला, लाठी-डंडों से मारपीट के आरोप से मचा हड़कंप

महासमुंद 07 October 2026 : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में वन विभाग की टीम के साथ मारपीट और वनकर्मियों को कई घंटे तक बंधक बनाए रखने का मामला सामने आया है। घटना बागबाहरा वनपरिक्षेत्र के तमोरा जंगल की बताई जा रही है। जंगली सूअर के शिकार की सूचना पर जांच के लिए पहुंची वन विभाग की टीम को करीब 40 से 50 महिला-पुरुषों ने घेर लिया। आरोप है कि भीड़ ने वनकर्मियों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट और गाली-गलौज की।

जंगली सूअर के शिकार की सूचना पर पहुंची थी टीम

जानकारी के मुताबिक, घटना बागबाहरा वनपरिक्षेत्र के तमोरा ग्राम के पास कक्ष क्रमांक 95 और 96 में बीती रात हुई। जंगली सूअर के शिकार की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम जंगल में निरीक्षण और जांच के लिए पहुंची थी।

टीम में रेंजर नवीन वर्मा, आमाकोनी के डिप्टी रेंजर नवीन शर्मा, वन रक्षक, वॉचर और अन्य कर्मचारियों सहित कुल छह वनकर्मी शामिल थे।

40 से 50 लोगों ने वनकर्मियों को घेरा

वन विभाग के मुताबिक, जांच के दौरान बड़ी संख्या में महिला और पुरुष जंगल में पहुंच गए और टीम को घेर लिया। आरोप है कि इसके बाद वनकर्मियों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई।

बताया जा रहा है कि रेंजर नवीन वर्मा, डिप्टी रेंजर नवीन शर्मा और चौकीदार राकेश ध्रुव समेत कुछ वनकर्मियों को करीब 6 घंटे तक जंगल में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट भी की गई।

मोबाइल से अधिकारियों और पुलिस को दी सूचना

बंधक बनाए गए वनकर्मियों ने किसी तरह मोबाइल फोन के जरिए वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित अधिकारी रात में मौके पर पहुंचे। इसके बाद वन विभाग की टीम को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

घायल वनकर्मियों का कराया गया स्वास्थ्य परीक्षण

मारपीट की घटना में घायल वन अधिकारियों और कर्मचारियों का रात में ही स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। हालांकि, कितने वनकर्मी घायल हुए हैं और उन्हें किस तरह की चोटें आई हैं, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

वन विभाग की टीम पर हुए हमले के बाद पुलिस और वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वनकर्मियों को बंधक बनाने और मारपीट करने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।

जंगली सूअर के शिकार की सूचना से शुरू हुआ यह विवाद अब वन विभाग की टीम पर कथित हमले और बंधक बनाने की घटना में बदल गया है। मामले में जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।